सोमवार, 1 दिसंबर 2025

Mcdonald food not Halal

                                            میکڈونلڈ آؤٹ لیٹ میں حلال کھانا نہیں ملتا 

مکرمی 

آج سی ووڈ مال نیرول میں مکڈونلڈ اوٹ لٹ میں  چکن کا ایٹم آرڈر کیا تھا کھانے سے پہلے اسٹاف سے میں نے پوچھ لیا "کیا آپ کے یہاں حلال کھانا ملتا ہے -اس نے کہا جی نہیں -بعد میں سپروائزر سے پوچھنے پر اس نے بھی کہا کے حلال ٹیگ لگ کے نہیں آتا مجھے کھانا پھیکنا پڑا  -پہلے مکڈونلڈ ہر آؤٹ لیٹ پر حلال لکھا ہوتا تھا -دو مہینے پہلے کینیڈا جانے کا اتفاق ہوا وہاں بھی مکڈونلڈ اوٹ لیٹس میں حلال کھانا مل رہا ہے اچانک ہندوستان میں تبدیلی کی  کیوجہ سمجھ نہیں پایا 

راغب احمد شیخ 

نیرول (نوی ممبئی )


मंगलवार, 18 नवंबर 2025

Reduce screen time


                                                                              

                                                                            

                                                                      سوشل میڈیا سے دوری ضروری 

آج سوشل  میڈیا کا دور ہے ہر ایک ہاتھ میں موبائل ہے سستا ڈیٹا اویلبل ہے ، وھاٹس اپ ،انسٹگرام ،یو ٹیوب پر چھوٹے چھوٹے ویڈیو ریلس، میسیجز  دستیاب ہیں جس میں ہر کسی کو اپنی پسند کا مواد دستیاب ہو جاتا ہے .آج جس طرح لوگ زندگی کے پیچیدہ مسا یل سے جھونجھ رہے ہیں کتابیں پڑھنے کو وقت اور سکوں درکار ہوتا ہے   ساتھ ساتھ ذہن پر زور بھی دینا پڑتا ہے .ایک منٹ بیہودہ ریل دیکھ کراور اس کے  بعد لگے قہقہ کو سن کر وقتی طور پر ذہنی تسکین ملجاتی   ہے ویڈیو گیم کھیل کرایک  کک ملتا ہے جسطرح گٹکا تمباکو سے وقتی سکوں ملتا ہے - لیکن کتابیں پڑھنے سے ایک عجیب سکوں ملتا ہے غور خوس کرنے کی عادت ڈیولپ ہوتی ہے اور ان چیزوں کے لئے بچپن ہی سے گھر میں اس طرح کا سازگار ماحول بنانا پڑے گا گھر میں اخبار نویسی اور گھر کے ہر فرد کو کتاب نویسی کی عادت ڈالنی ہونگی گھر میں صحت مند بحث مباحث کا ماحول تییار کرنا ہونگا گھر کے ہر فرد کو سکرین ٹائم کم کرنا ہونگا یعنی سوشل میڈیا سے دوری بنانی ہونگی 

  مجھے خود نوشت ،خاکے سوا نح حیات  پڑھنے کا ہمیشہ سے شوق رہا ہے -ہمیشہ  ٢ یا  ٣ کتابیں میرے زیرے مطا لیارہتی ہے   مجتبیٰ حسسیں کی تمام کتابیں پڑھ چکا ہوں -ابن صفی  میرے  پسندیدہ مصنف رہے ہے -پچھلے سال مستنصر تراڑ حسین  کی پیار کا پہلا شہر ،جاوید سددیقی کی دو کتابیں روشن دان اور لنگر خانہ ،ندا فاضلی کی کتابیں دیواروں کے بیچ ،دیواروں کے باہر پڑھی اور لطف انداز ہوا اب تو ریختہ سائٹ پر ہزاروں اردو کی کتابیں دستیاب ہیں -میری نظروں میں کتب بینی سب سے بہتر مشغلہ ہے 



सोमवार, 17 नवंबर 2025

एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक

                                                     एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक 

       माशाल्लाह ये शादी का हंगामा था। परवेज़ सैय्यद के फ़रज़न्द अफ्फान का निकाह जनाब अय्यूब सैय्यद की साहबज़ादी  उनैज़ा से ,नासिक में 19th अक्टूबर को होना था  । 18th अक्टूबर २०२५ को नवापुर में हल्दी की रस्म और दावत का इंतेज़ाम था। बहुत सादगी से हल्दी की रस्म अदा की गयी। पाकिस्तान में और मुंबई में भी हल्दी मेहँदी की रस्म ,नाच ,गाना ,D.J और बेहूदगी देख कर , सर शर्म से झुक जाता है। माशाल्लाह रिश्तेदारों में  शादी  में ,न जहेज़ ,न बेहूदा रस्मे।

             पता चला में भी बुज़र्ग होगया हूँ। निकाह में सलीम तुराब अली शैख़ के साथ मैं ने भी शाहिद के फ़रायज़ अंजाम दिये । अय्यूब सैय्यद साहब ने भी अच्छा इंतेज़ाम रखा। परवेज़ सैय्यद ने २ लक्ज़री बसेस का इंतेजाम किया था। औरतों और हम जैसे बुज़र्गों के लिए स्लीपिंग कोच भी थी। नवापुर  से १०० लोगों ने निकाह में शिरकत की। 21st अक्टूबर को नवापुर म्युनिसिपल हॉल वलीमे की सुन्नत ,शानदार तौर पर अदा की गयी। 

Affan Unaiza walima 
      जो शख्स बन्दों का शुक्रगुज़ार नहीं होता ,वह अल्लाह का शुक्रगुज़ार हो ही नहीं सकता 
19th तह अक्टूबर २०२५ को अफ्फान के निकाह के बाद जनाब मुजाहिद शैख़ सर से मुलाक़ात हुयी मुझे खुद से पुरखुलूस अंदाज़ में introduce करवाया "ज़िन्दगी भर में कभी आप और इक़रा खानदेश को भूल नहीं सकता " उनके फ़रज़न्द फहद शेख को इक़रा खानदेश फाउंडेशन की तरफ स्कॉलरशिप मे दी गयी थी। शायद मुजाहिद सर पहले और आखरी शख्स हैं जिनोहने पहली फुर्सत में इक़रा खानदेश के अकाउंट में  रक़्म लौटा दी। फ़हद शैख़ ने इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में डिप्लोमा करने के बाद ABB मल्टीनेशनल कम्पनी में मुलाज़मत हासिल कर ली।इक़रा खानदेश फाउंडेशन के लिए  एक मिसाल है। मुजाहिद सर नासिक ITI में फिटर  सब्जेक्ट पढ़ाते हैं। और रोज़ाना जूनियर खानदेश ग्रुप और जलगांव रिलेटिव ग्रुप में स्टूडेंट्स के मार्ग दर्शन के लिए कोर्सेज ,JOB OPPORTUNITES उन्वान पर मालूमात शेयर करते रहते है। अल्लाह जज़ाए खैर अता करे आमीन। 
                      
MUJAHID SIR KE SATH

                                           
FAHD SHAIKH

                                                            
FAHD SHAIKH DIPLOMA CERTIFICATE


                                                      आज तुम याद बे हिसाब आये 

          अफ्फान के निकाह के बाद हॉल में मरहूम बशीर मामू के फ़रज़न्द कलीम शैख़ से मुलाक़ात हुयी। बशीर मामू की अहलिया (WIFE ) शबनूर बी से उनके घर जा कर मुलाकत की, भड़भूँजे की पुरानी यादें ताज़ा होगयी  । बशीर मामू को भड़भूँजे में सब बशीर टपाली के नाम से जानते थे। ट्रैन से जो पोस्ट आती बशीर मामू फ़ौरन सॉर्ट आउट करके लोगो तक पुहंचा देते थे। भड़भूँजे में सभी उनको जानते यही और वो भी सभी को जानते थे। मैं ने भी उनके साथ बैठ कर पोस्ट सॉर्ट आउट की है।  
          अल्लाह मरहूम बशीर मामू को जन्नत नसीब करे आमीन। 
           
Mohtrema shabnur bi ke sath
PS : जलगांव विजिट में मामू मुरकोबद्दीन से मुलाक़ात का ज़िक्र करना भूल गया। मुबा मुमानी की कमी महसूस हुयी कफील ने हमेशा की तरह ईरानी चाय से ज़ियाफ़त की। 
                                     

गुरुवार, 13 नवंबर 2025

JALGAON VISIT

                                                    घर को जाने वाले रस्ते अच्छे लगते हैं 

                                                    दिल को दर्द पुराने अच्छे लगते हैं 

                                                    फूल नगर में रहने वालों आकर देखो 

                                                    अपने घर के कांटे अच्छे लगते हैं 

 25th november 2025 नवापुर से जलगांव दादर भुसावल (spl ) से १०३० बजे सुबह धरणगांव पहुंचा वहां से एरंडोल ,खालिद शैख़ के साथ दिन बिताया। शाम जलगांव पहुंचा। होटल महिंद्रा अजंता नाका में ४।दिन क़याम रहा। 

Hotel mahindra jalgaon


         सूरत भुसावल सेक्शन में हर प्लेटफार्म की लम्बाई १ किलोमीटर है। चिंचपाड़ा ,नंदुरबार ,सिंध खेड़ा ,अमलनेर और धरणगांव सभी स्टेशनों के नाम उर्दू में भी लिखे नज़र आये। वेस्टर्न रेलवे का शुक्रिया उर्दू ज़बान को ज़िंदा रखने की एक कोशिश/मिसाल है। 

           २५ अक्टूबर रात रिज़वान जहाँगीरदार की दुख्तर (Daghter ) की हल्दी की रस्म थी उनकी जानिब से थीम कॉलेज में मुशायरे का एहतेमाम किया गया था। रिज़वान जहाँगीरदार का शुक्रिया मुशायरे की रिवायत को ज़िंदा करने की कोशिश की ये उम्दा मिसाल है। 

              रिवायती अंदाज़ में सदरे मुशायरा करीम सालार और तमाम मुशायरा में शरीक शाइरों के हाथों शमा जलाई गयी। मुक़ामी शायरों ने कलाम पेश किया साबिर मुस्तफ़ाबादी की निज़ामत शानदार रही। निहाल धुलवीं ने मज़ाहिया और मुक़ामी खानदेशी लहजे में शायरी सुना कर महफ़िल को ज़ाफ़रान ज़ार किया। 

          हास्ले मुशायरा रहा ३ घंटे सालार साहब के साथ बैठ कर उन के उम्दा कमेंट सुनना ,तबियत खुश होगयी। सालार साहब सुबह ६ बजे से घर से निकले थे ,और मशायरे के आखिर वक़्त तक ज़िंदा दिली का मज़ाहिरा करते रहे ।

              दूसरे रोज़ २६ अक्टूबर निकाह की महफ़िल में शिरकत और गोश्त मांडे का लज़ीज़ खाना। मोबिनद्दीन मालिक के साथ एक थाली में खाना  enjoyकिया । सलाहुद्दीन नूरी ,हसींन ,बी.क.शैख़ ,आसिफ शैख़ ,कमर अहमद, हाफिज जावेद  सब ने साथ खाने में अजब लुत्फ़ रहा । रिज़वान ,राग़िब ,रईस जहाँगीरदार भाइयों  ने ख़ुश दिली से खाना माशाल्लाह  परोसा ,मेहमान नवाज़ी का हक़ अदा किया। 

          दूसरे रोज़ एंग्लो उर्दू स्कूल को विजिट भी रही। पुरानी यादें ताज़ा होगयी। काफी मुसबित (positive ) चैंजेस नज़र आये। हर क्लास में स्मार्ट बोर्ड ,स्टूडेंट्स की हाज़री के लिएलगायी थंब इम्रेशन मशीने ,हर क्लास में लगे कैमरे ,और बेहतरीन किताबों से सजी लिबररी । ऐजाज़ मालिक ,प्रिंसिपल गुलाब शैख़ ,सुहैल अकबर रहमानी से मुलाक़ातें हुयी। 

Anglo library Jalgaon 

                                         तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते है 
                                         किसी बहाने तुम्हे याद करने लगते है 

        


    बड़े क़ब्रस्तान के बाहेर मरहूम हाजीअब्दुल ग़फ़्फ़ार मलिक को वक़्फ़ सबील (प्याऊ )  पर नज़र पड़ी उनकी शफ़्क़तें ,मोहबतें अपनापन याद आगया। मुझे हमेश अपने छोटे भाई की तरह प्यार करते। अल्लाह जन्नत के आला दर्जे नसीब करे। आमीन।  लगा जलगांव मेरे लिए सिमटा जा रहा हो। राशिदअली ,मुनाफ जनाब सब रुखसत होगये। 
        सईदा आपा नुसरत ,काज़िम अली का अपनापन ,ज़ाहिद अली ,अबेदा ,शाहीन ,मुफिजा ,साजिद ,सबीना ,खालिद ,सायमा के खुलूस ने ढारस बनायीं । 
           जनरेशन "Z " में उज़ैर ,हादी ,उमेर , नोमान ,तहरीम , सफ्फान ,समन से मिल कर तस्सली हुयी। 
कलीम ,मज़हर जाने जाना में INTELLECTUAL लोगों के गुण महसूस किये। Generation alfa में जोहन से उम्मीदे वाबिस्ता है। रिदा ,हूरैन  और हिबा के साथ खूबसूरत वक़्त गुज़रा। अल्लाह से दुआ हे बच्चों को ज़हानत नसीब हो ,बहुत तरक़्की करे। आमीन 
            
Rida Hiba Hurain Zohan ke sath 


           

रविवार, 9 नवंबर 2025

fajindar khandan ko mubarkbad

                                                         

                                                        مکرمی 

                                                               فجیندار خاندان کو مبارکباد 

آی سی سی ورلڈ کپ جیتنے والی خواتین ٹیم نے ورڈ کپ اپنے نام درج کراکے پوری دنیا میں نام روشن کیا مبارکباد کے قابل ہے -معروف فجیندار جو رؤف فجیندار کے صاحبزادے ہیں، نے ورڈ کپ جتنے والی خاتوں کرکٹ ٹیم کے آپریشن مینیجر ،آپریشن ہیڈ کے فرایض انجام دے انھیں پراے منسٹر نریندرر مودی مہاراشٹرا کے  وزیر اعلی دوندرا فرنویس نے بھی ان کی صلاحیتوں کو سراہتے ہویے اعزاز سے نوازا -بہت کم عمر میں معروف فجیندار نے اپنی محنت لگن سے یہ مقام حاصل کیا ہے  - اہلے فجیندار خاندان  کو ہماری جانب سے  دل کی گہرایوں سے مبارکباد -الله کی بارگاہ میں د عا ہے معروف فجیندار اسی طرح ملک کی خدمت میں لگا رہے اور بے حد ترقی کرتا رہے آمین 

راغب احمد شیخ 

شگفتہ راغب شیخ 

نیرول (نوی ممبئی )

 معروف پرانی منسٹر کے ساتھ 

                                           

دوندرا فرنویس اجیت دادا پور معروف کا اعزاز کرتے ہے 

  

teri qurbat ke lamhe phool jaise

                                                       तेरी क़ुरबत के लम्हे फूल जैसे 

लास्ट वीक ज़ैन ,उज़्मा और महेक ने हमारे घर को विजिट दी। माशाल्लाह ज़ैन ने थोड़ी देर हमारे साथ बिता कर हम दोनों का दिल जीत लिया। आते ही अपनी शगुफ्ता नानी को लिपट गया। फिर मुझे हग किया। १ १/२ घंटा हमारे साथ गुज़ारा डांस किया हर चीज़ को उलट पुलट कर देखता रहा। बीच बीच में मुझे शगुफ्ता को हग करता रहा। जाने से पहले नींद का ग़लबा था तो थोड़ी बे चैनी की 

                                                       मगर फूलों की उम्र मुख़्तसर है 

                           

zayn ki million dollar muskrahat 
 

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025

AI ZOQ KISI HAMDAME

                                                            खुशबु जैसे लोग मिले   

 ऐ ज़ौक़ किसी हमदमे देरीना का मिलना 

  बेहतर है मुलाक़ातें मसीहा व खिदर से 

  नवापुर में हारिस सय्यद के निकाह /वलीमे में जनाब ताजुद्दीन शैख़ साहब से अरसे बाद फिजिकल मुलाक़ात हुयी। उनसे मेरी पहली मुलाक़ात १९८० /१९८२ में हुयी थी जब एयर फाॅर्स में उनकी पोस्टिंग थाना में थी। मुझे उनोहने ने अपनी कैंटीन से साइकिल दिलवाई थी। शायद  उस ज़माने में ३०० रूपये कीमत थी। 

      फिर ताजुद्दीन शैख़ हिंदुस्तान साहब की एयर फ़ोर्स के दूर दूर मक़ामात में पोस्टिंग होती रही। एयर फ़ोर्स सर्विस पूरी करने के बाद वह दुबई कई साल बड़ी कंपनी में सिक्योरिटी चीफ के ओहदे पर सर्विस देते रहे। हिंदुस्तान लौटने के बाद वो हिंदुस्तान के सभी टोल नाकों पर अपनी पर्सोनेल कम्पनी के लिए सर्विस देते रहे। और अब माशाल्लाह नासिक में क़याम पज़ीर है। कुछ अरसा (टाइम ) अपने फ़रज़न्द के पास हॉलैंड में भी गुज़ारा। 

   तमाम रिश्तेदारी ग्रुप्स में भी रोज़ाना उनके अच्छे अच्छे मेसेजेस दिखाई पड़ते हैं। मुझ गाहे गाहे मोबाइल पर कांटेक्ट में भी रहते हैं। अल्लाह उनेह सेहत के साथ लम्बी उम्र अता करे अमीन। 

                                  जहाँ रहे वो खैरियत के साथ रहे 

                                  उठाये हाथ तो ये एक दुआ याद आयी 

                        

ताजुद्दीन शैख़ के साथ शादी की महफ़िल में 



बुधवार, 5 नवंबर 2025

ZAMEEN KHA GAYI ASMAN KAISE KAISE

                                  

LATE Ayan Sayed taking  Graduation prize from Shafeeq Sayed 

                                                   जामीन खा गयी आसमान कैसे कैसे 

शायद अय्यान सैयद को अल्लाह के पास लौटने की बहुत जल्दी थी। B.E (CIVIL ) करने के बाद अपने वालिद नोमान सैयद का कारोबार बहुत कम अरसे  (Time )में संभाल कर बुलंदी तक पुह्चाने का कारनामा अंजाम दे कर सारे खानदान रिश्तेदार और अहले नवापुर को ग़म ज़दा करके ऑगस्ट २०२५ को इस दुनिया से रुखसत होगया।

अल्लाह अहले खानदान को सबरे जमील आता करे आमीन।  

                             बिछड़ा कुछ इस अदा से के रुत ही बदल गयी 

                              एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया 

         अय्यान माशाल्लाह बा बसलाहियत नौजवान खुश अख़लाक़ ,मतीन ,तहज़ीब याफ्ता जिस की सलाहियतों से समाज ,माशेरा फायदा मंद हो सकता था हम से जुदा होगया।  अल्लाह उसे जन्नते फिरदौसे में ऊँचा मक़ाम अता करे आमीन। 

मरहूम शकील हाफिज फैज़ को प्राइज देते हुए 

                शकील सय्यद को मरहूम कहते कलेजा कटता है। नवापुर के प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में मरहूम ने नसीहत से भरपूर लेक्चर दिया था। बदकिस्मती से कोविड में  वह हम से जुदा होगये। उनकी यादें हमेशा हमारे दिल में रहेंगी। अल्लाह मरहूम को जन्नत में ऊँचा मक़ाम आता करे अमीन सुम्मा आमीन। 

सोमवार, 13 अक्टूबर 2025

quran

 मिटाना इस को दुनिया से कोई आसान थोड़ी है 

अरे नादान किसी इंसान का फरमान थोड़ी है 

किताबें आज भी दुनिया में हैं बे इन्तहा मौजूद 

मगर क़ुरान से आला किसी की शान थोड़ी है 


مٹانا اس کو دنیا سے کویی آسان تھوڑی ہے 

ارے نادان کسی انسان کا فرمان تھوڑی ہے 

کتابیں آج بھی دنیا میں ہیں بے انتہا موجود 

مگر قرآن سے اعلی کسی کی شان ٹھوڈی ہے 

khiraje aqeedat

                                                      

Late  Haji Hismoddin
            Born : 11th May 1957      Death :  Saturday 11th October 2025 (18th Rabi Ul Sani )

                               क्या लोग थे जो रहे वफ़ा से गुज़र गए 

                                जी चाहता है नक़्शे क़दम चूमते चल

      11th October 2025 रिश्तेदारों के सभी ग्रुप्स में हाजी हिसामुद्दीन की मौत की अफसोसनाक खबर  पढ़ी ,heart attack वजह बताई गयी। उस से पहले मखदूम अली सय्यद जो उनसे सालों से नज़दीक थे मुझे ये खबर सुनाई।  माशाल्लाह शजरे नस्ब भी उज़ैर सैयद ने सब ग्रुप्स में डाला। हसीन और J G Shaikh साहब के मरहूम हाजी हिसामुद्दीन पर लिखे खिराजे अक़ीदत पढ़ने को मिले। ४ बजे शाम तद्फीन की खबर भी मिली। जावेद अहमद  मेरा छोटा भाई और में  नेरुल से ४ बजे  शाम रहेजा कॉप्लेक्स पहुंचे, बताये वक़्त पर जनाज़ा उठाया गया। 

                                   हमारे गांव में छप्पर भी सब मिल कर उठाते हैं 

                                    तुम्हारे शहर में मय्यत को कोई कन्धा नहीं देता 

    कल्याण  शहर वालों ने ऊपर के शेर को ग़लत साबित कर दिया। कल्याण के रिश्तेदारों की मोहब्बत थी घर से क़ब्रस्तान तक कांधो जनाज़ा टेकड़ी क़ब्रस्तान पहुंचा। रस्ते में जनाज़े को देख कर तमाम ट्रैफिक अक़ीदत से रुक गया ,जनाज़े को राह दी। क़ब्रस्तान में असर बाद 13 सफों में जनाज़े की नमाज़ अदा की गयी। तद्फीन में भी सभी लोग शरीक रहे  मरहूम के जन्नती होने का सबूत मिल गया। 

                                     वह फूल सर चढ़ा जो चमन से निकल गया 

                                      इज़्ज़त उसे मिली जो वतन से निकल गया 

           मरहूम हाजी हिसामुद्दीन ने वतन से हिजरत की कल्याण में रहे। काफी स्ट्रगल रही। हसींन साहब ने लिखा है उनोंह ने कल्याण स्टेशन पर गोलियां ,बिस्कुट भी बेचे। 

           मरहूम  हिसामुद्दीन के गहरे दोस्त और  Bombay Mercantile Bank में उनके साथ काम कर चुके, अता करीम साहब ने बताया के मरहूम का ज़ियादा समय P Demello Road Bombay ब्रांच में हेड केशियर की पोस्ट पर काम करते गुज़रा। मरहूम का रिकॉर्ड भी बड़ा शानदार रहा। मरहूम हर दिल अज़ीज़ यूनियन लीडर थे।  अत करीम साहब ने बताया के मरहूम "बेस्ट स्पीकर रहे ,और जब वो स्पीच देते तो management हल जाती थी "

                                         दुनिया ने तजरुबात व हवादिस की शक्ल में  

                                          जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ में 

                  पिछले 30 सालों से ज़कात का एक शफाफ निज़ाम कल्याण में चलाने में मरहूम पेश पेश रहे। कल्याण में बेवाओं तक राशन पहचाने का सिलसिला हो या इक़रा फाउंडेशन की बुनियाद रखने में मरहूम हीसमोद्दीन ने बड़ी मदद की अपनी पिछले तजुर्बात का भरपूर फायदा उठाया। रिश्तेदरों में तालीम के उन्वान पर काम करने में हमेशा गरमजोशी दिखाई। हश्र में कुछ लोग अल्लाह के अर्श के साये तले होंगे जिनोह्णे यतीमों ,बेवाओं की खबर गिरी अपनी ज़िन्दगी में की होंगी। अल्लाह के दुआ गो हूँ मरहूम हाजी हिसामुद्दीन को अपनी जवारे रहमत में जगह अता करे आमीन। अल्लाह उनकी अहलिया रुखसाना भाबी ,उनकी औलाद मेह लका ,नीलोफर ,अज़हरुद्दीन और मज़हर को सबरे जमील अता करे। इस दिलख़राश सानेह से उभरने की ताक़त अता करे। आमीन ,सुम्मा आमीन 

      

            

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

LETTER T O INQUILAB

                                                                              قابل تحسین   

مکرمی 

کینیڈا میں تھا آن لائن پڑھنے کا موقع مل رہا تھا ، کافی عرصے بعد ہارڈ کاپی کی شکل میں انقلاب پڑھنے کا موقع ملا انقلاب ایک میعاری روزنامہ تو ہے ہی لیکن جس طرح اجلے اجلے صفحوں پر بہترین چھپایی کے ساتھ نیے گیٹ اپ میں دیکھنے کو ملا زبان سے واہ واہ نکل پڑی -انقلاب مینجمنٹ ،ایڈیٹر اور تمام اسٹاف کو تہے دل سے مبارکباد -اردو کی بقا کے لئے ایک اچھے نیوز پیر کی اہمیت ہے جو انقلاب نے پوری کر دی 

راغب احمد شیخ 

نیرول (نوی ممبئی )

                                  

सोमवार, 29 सितंबर 2025

Salgirah Mubarak Mohammed Rafik Patel Saheb

                                               

Mohammed Rafik Patel celebrating 64th birth day

               


                                           

                               जाने वो किसे लोग थे जो मिल के एक बार 

                               नज़रों में जज़्ब (absorb ) होगये दिल में उतर गये 

       मुहम्मद रफीक पटेल साहेब आप की शख्सियत (personality ) बयान करने के लिए यही एक शेर काफ़ी है। (कुछ लोग एक बार मिल कर दिल को भा जाते हैं। सालगिरह की ढेरों सारी मुबारकबाद। नेक ख़्वाहिशात। आप की स्ट्रगल की कहानी आप और नूतन भाभी की ज़बानी जान कर एक शेर याद आ रहा है। 

                                तै की है कुछ तरह हम ने अपनी मंज़िलें 

                                 गिर पड़े गिर के उठे उठ के चले 

        आप की fitness सुब्हान अल्लाह ,अल्लाह  बुरी नज़र से बचाये। मुझे गुमान हो रहा है ये आप की 64 वी नहीं बल्कि 46 वी वर्ष गाँठ है। पहाड़ो पर फुर्ती से चढ़ जाना  Minnewanka लेक में एक्सपर्ट स्वीम्मर की तरह तैरना। driving  में भी जनाब को महारत हासिल है ,एक वक़्त में ६५० किलोमीटर ड्राइविंग करके थकते नहीं। रात के समय भी आराम से ड्राइविंग कर लेते है  आपकी अपने वतन और माँ  से गहरी मुहब्बत के लिए कैफ़ी आज़मी की एक शेर पेश है। 

                                ग़ुरबत की ठंडी छाव में आयी वतन की याद 

                                 क़द्रे वतन हुयी हमें तरके वतन के बाद 

             वतन से दुरी ,आराम की ज़िन्दगी गुज़ार कर भी मेरे दिल में अपने मुल्क ,देश और अपनी माँ की याद हमेशा साथ रहती है। 

             आप का बहुत बहुत शुक्रिया आप ने हम दोनों husband और wife को एक नया सबक़ सिखाया, के बुढ़ापा इंसान की अपनी सोच है। हम दोनों की ज़िन्दगी में एक नया जोश एक नयी उमंग जगाने के लिए शुक्रिया ,

             सालगिरह मुबारक आप के लिए शेर अर्ज़ है 

                                        जहाँ रहे वो खैरियत के साथ रहे 

                                          उठाये हाथ तो ये दुआ याद आयी           

                                        




शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

Cochrane Town History

Cochrane Town street

                                   

Cochrane's historic house

                             

                        Cochrane Town 

             Cochrane Town कैलगरी से ३५ KM दुरी पर है। इसे कैलगरी का suburb भी कहा जा सकता है। बहुत से लोग यहाँ से कैलगरी जॉब करने भी जाते है। छोटा सा क़स्बा जिस की कुल आबदी (population ) ४०,००० है। कनाडा में  हर शहर की history बड़े जतन से  संभाल कर रखी जाती है। हर पुरानी तारीखी इमारत के बाहर एक बोर्ड पर इमारत के बारे में मालूमात लिखी होती है।  १९०३ में  Cochrane की आबादी सिर्फ १५८ थी। 1971 यहाँ की आबादी 800 तक पहुंची 2025 के सर्वे में Cochrane (कोकरेन ) की आबादी ४०,000 बताई जाती है। शायद आबादी बढ़ाने के लिए बाहर से काफी लोगों को बुलाया गया है। यहाँ घूमते कई सिख सुमदाय के लोग दिखाई दिए ,पाकिस्तानी ,Chinese ,कोरियन,अफ्रीकन  मुल्कों के कई लोग यहाँ रहते नज़र आये। हर कोई अपने ट्रेडिशनल लिबास में रहता है। 

         Pub ,Bar ,Hotels ,Restaurants बड़ी तादाद में दिखे। ७ बजे शाम के बाद यहाँ सन्नाटा छा जाता है। टाउन के बीच  से ट्रैन गुज़रती है लेकिन सिर्फ Goods Train यहाँ आइस क्रीम की मशहूर दुकान है जो 175 साल पहले शुरू की  गयी थी। अब भी दूर दूर से लोग आ कर यहाँ आइसक्रीम खाने आते है। इस शॉप का नाम MACKAY`S  ICE CREAM शॉप है जिस की ईमारत अपनी ORIGINAL हालत में क़ायम है।  Ice cream का original टेस्ट भी १७५ पूराना बरक़रार (Maintain )  रखने की कोशिश की गयी है। 

       आप कनाडा के किसी शहर ,क़स्बे या गांव में चले जाये ,पूरानी शनाख्त ,पहचान को क़ायम रखने की अनथक कोशिश की गयी है। Banff हो  या Cochrane ,या कैलगरी लगता है आप १०० साल पुरानी बस्ती में घूम रहे है। अपनी मिटटी से यहाँ के वासियों को गहरा लगाव है। पूरानी तहज़ीब (संस्कृति) को बचाये रखना बहुत मुश्किल होता है  पुरानी इमारतों  को तोडना ,जगह के नाम चेंज करना बहुत आसान होता है। वही मुल्क आगे बढ़ते हैं जहाँ तहज़ीब को बचाया जाता है। 

                

Mackay`s Ice cream shop
175 year old Ice Cream Parlour

Old banglow history

Cochrane history


                                                                 
Hotel at Cochrane 
                                                                  
Cochrane

गुरुवार, 18 सितंबर 2025

khushbu jaise log mile

                                                                          खिराजे तहसीन 

इंग्लिश में एक कवाहत है "so much water has passed under the bridge " यानि बहुत सारा समय गुज़र गया है। 

सितम्बर २०२२ में जनाब हाजी हाफिज जावेद का खाका  (Caricature )लिखा था (उन से इंटरवीव लेकर ) लेकिन हाफिज जावेद का ये हाल है वह हर वक़्त मसरूफ अमल रहते हैं। बक़ौल डॉ इक़बाल 

                                                 में कहा रुकता हूँ अर्श व फर्श की आवाज़ से 

                                                 मुझ को जाना है बहुत ऊँचा हदे परवाज़ से  

        Dr वासिफ ने ISM MIDDLE EAST 2025 AT WORLD TRADE CENTRE से ली गयी कुछ फोटो नावेद अंजुम हाफिज जावेद की फॉरवर्ड की उनका ये जुमला मुझे बहुत पसंद आया "हर किसी ने अपना नस्बुलाइन  मुतय्यन (फिक्स )करके उस पर मुस्तकिल मसरूफ़े अमल रहना चाहिए कामयाबी ज़रूर मिलेंगी (इंशाल्लाह)। शायद यही बात इस खाके को दोबारा शाये करने के लिए  तहरीक  (INSPIRATION ) बनी । 


     दुबई इंटरनेशनल एक्सिबिशन में उन का वीडियो देख कर बहुत ख़ुशी हुयी। अल्लाह उनेह इसी खुद ऐतेमादि के साथ तरक़्की करने की तौफ़ीक़ अता करे आमीन। 

        खाका पेश खिदमत है। 

बुधवार, 17 सितंबर 2025

 

Khiraj-e-Aqeedat

                                                                  Tribute 

On September 17, 2025, corresponding to 25 th  Rabi'ul Awwal 1447, Aunt Aqila B. has departed from this mortal world.

I was 9 years old when my mother passed away - from that day on, khalaajaan (Aunt) took her place. I always saw her as curvy and weak, but the maternal kindness that I found in her personality is nowhere to be seen. 

Find the pearls of loyalty among the scattered people. 

          Aunt Jan was the epitome of sincerity and affection. I never saw her angry or upset. Whenever we met, she showered us with love and blessings. It was like a crime to return from her house without eating. 

         For Sajid Ahmed, Khalid Ahmed, Shabana and our sister-in-law, Ms. Nilofar, their departure from this world is like a great void, but all their children, with all their efforts, served her to the best of their ability until the end and accumulated wealth for themselves in the afterlife. 

        May Allah grant patience to the entire family and especially accept the services of Khalid Ahmed and Sayma and bless them in the Hereafter, Amen. 

We three brothers, Dr. Wasif Ahmed, Raghib Ahmed and Javed Ahmed, were blessed with the compassion and love that the late khala bestowed upon us and never let us feel the lack of our mother. May Allah Almighty grant the late khala the best reward. Amen. I am sure that she is from Paradise. May Allah grant the late mother a place in the highest place of Paradise, in His mercy. Amen.  

                           Sad 

                                      Dr. Wasif Ahmed  

                                               Ragheb Ahmed 

                                                 Javed Ahmed 

                                                  Family and relatives 

                      When I was young, I was in a very strong relationship with one person. 

                             If it breaks, the pieces can't be picked up anymore. 

                        Some people are needed at every turn. 

                             Some people are never removed from the heart. 

Khiraj-e -Aqeedat

                                                                  خراج عقیدت 

سترہ ستمبر ٢٠٢٥ بمطا بق ٢٥ بارہ وفات ١٤٤٧ عقیلہ بی ہماری خالہ اس دنیا سے کوچ کر گی الله مرحومہ کی مغفرت کرے 

و ٩ سال میری عمر تھی جب اما ں  کا انتقال ہوگیا تھا -اسی دن سے خالہ جان عقیلہ  نے انکی جگہ لے لی ہمیشہ سے ہی  میں نے انہں منحنی اور کمزور دیکھا لیکن انکی شخصیت میں جو مادرانہ شفققت پا ی اب کہیں دکھایی نہیں پڑتی 

                                           ڈھونڈ اجڑے ہویے لوگوں میں وفا کے موتی 

          خالہ جان خلوص اور ممتا کا مجسسمہ تھی کبھی بھی انہں ناراض ہوتے یا غصّہ کرتے نہیں دیکھا جب بھی ملاقات ہوتی ہم پر ڈھیروں پیار محبّت نچار کرتی  اور د عا  سے نوازتی ان کے گھر سے بغیر کھانا کھاے لوٹنا جرم کی طرح تھا 

         ساجد احمد ،خالد احمد ،شبانہ اور ہماری بھابھی محترمہ نیلوفر کے لئے ان کا اس دنیا سے جانا ایک عظیم خلا کی طرح ہے لیکن انکی تمام اولادوں نے اپنی تمام تر کوششوں سے آخر تک حت الامکان انکی خدمات کی اور اپنے لئے آخرت کا سرمایہ جمع کر لیا 

        الله تمام خاندان کو صبر جمیل عطا کرے اور بطور خاص خالد احمد اور صا یما کی خدمتوں کو قبول کر انکے آخرت کے توشے میں برکت عطا کرے آمین 

ہم تینوں بھائیوں ڈاکٹر واصف احمد ،راغب ااحمد اور جاوید احمد کو مرحومہ نے  جن شفققتوں اور محبتوں سے نوازہ اور کبھی بھی ہمیں ا ماں کی کمی کا احساس نہیں ہونے دیا اللہ رب العزت مرحومہ کو بہترین صلہ عطا کرےآمین -مجھے یقین ہے   وہ جنّتی تو ہے ہی الله مرحومہ کو اعلی مقام جنت فردوس میں اپنے جوار رحمت میں جگہ عطا فرماے آمین  

                           غم گسار 

                                      ڈاکٹر واصف احمد  

                                               راغب احمد 

                                                 جاوید احمد 

                                                  اہل  خانہ  و خاندان 

                      جب تھا تو بہت پختہ تھا ایک شخص سے رشتہ 

                             ٹوٹا تو اب ٹکڑے سنبھالیں نہیں جاتے 

                        کچھ لوگوں کی ہر دور میں پڑتی ہے ضرورت 

                             کچھ لوگ کبھی دل سے نکالے نہیں جاتے 

                                                                         

                                                                                                                                                     

           


मंगलवार, 16 सितंबर 2025

 

Banff Town Footpath

फुट पथ आर्ट 

Banff town church



Banff Town river

Banff Town museum

Cascade of Time Garden Banff


                                                              फूलों के शहर में हो घर अपना Banff Town 

         अलिफ़ लैला की कहानियों में जिस तरह के क़स्बों का ज़िक्र है ,Banff Town  को देख कर लगता है मानों किसी ने ३०० साल पहले इसे Time frame  में फ्रीज़ कर दिया हो। Alberta Province  (Canada ) में कैलगरी से १०० किलोमीटर की दुरी पर ये खबसूरत टाउन ,अपनी खूबसूरती की के कारण सैलानियों को अपनी जानिब attract करता है। अमेरिका बॉर्डर से भी ये जगह १० घंटा कार ड्राइविंग की दूरी पर है , शायद इसीलिए बहुत सारे अमेरिकन टूरिस्ट यहाँ ज़रूर visit करते हैं।   पहाड़ियों से घिरा ये क़स्बा जिस की पापुलेशन कुल ८००० है। टाउन के बीच से एक नदी भी गुज़रती है। साफ़ शफ़्फ़ाफ़ शीशे जैसे चमकती सड़कों पर घूमते हर मुल्क से आये सैलानी दिखाई पड़े। फुट पाथ पर  घूमते हुए, Cake , steak ,कॉफ़ी ,Popcorn, bread Baking और फूलों की मिली जुली खुशबु से महेकता हुवा माहौल। बहुत सारे हिंदुस्तानी curry house भी इस टाउन में मौजूद है। म्यूजियम , चर्च , cascade of Time Garden, और  हर घर का आँगन, लॉन और खूबसूरत फूलों से सजा नज़र आया ,यहाँ के लोगों के खुश ज़ौक़ होने का सबूत है। 

      टाउन से निकालते समय लोग " I Love Banff " चौराहे पर ज़रूर यादगार के लिए  तस्वीर ज़रूर निकलते हैं। 

                                                                      Lake Louise 

Story of Lake louise

Lake Louise 









     Banff टाउन से १७० किलो मीटर फासले पर ये खूबसूरत लेक (झील ) कुदरत की कारीगिरी का नमूना है। झील सी गहरी नीली ऑंखें सुना था ,इस ७० मीटर गहरी झील को देख कर लगा शायद इसी झील को देख कर ये मिसाल बनी है। Queen Elizabeth की चौथी Daughter (बेटी ) के नाम से इसे जाना जाता है। लाखों बरसों से Glacier पिघल कर इस झील (लेक ) को form किया है। सैलानी छोटी छोटी Boats पर बैठ कर आईने की तरह शफ़्फ़ाफ़ पानी में सैर करते हैं। सैलानियों की list में इस लेक पर विजिट करना must (ज़रूरी ) है 



                                         

बुधवार, 10 सितंबर 2025

Calgary to Hilton

                                                     Calgary To Hinton 

Icefield Glacier 

Special vehicle to reach Glacier
Athabasca Glacier Field
Athabasca icefield कैलगरी से ३१० किलो मीटर दुरी पर है। कार से ३ से ४ घंटे में फासला पूरा किया जा सकता है। रास्ता हरयाली वादियों ,पहाड़ ,आबशार (झरने ),तालाबों और चश्मों से  भरा है ,आँखों को ठंडक पोहचने का हर सामन मौजूद है। ट्रैफिक भी बड़ी रवानी (discipline ) से चलता रहता है। न कही गढ़े न उबड़ खाबड़। रस्ते में हर १० से १५ किलोमीटर के बाद साफ सुथरे बाथ रूम बने है जहां tissue paper और sanitizer हमेशा मौजूद रहते हैं । हाईवे दोनों तरफ से फेंस किया हुवा है। जानवरों के लिए ,हर १० से १५ किलोमीटर पर पर क्रॉस ओवर की फैसिलिटी है। अक्सर जानवर रोड पर आजाते हैं ,तमाम ट्रैफिक थम जाता ै है जब तक जानवर रोड क्रॉस नहीं कर लेते हैं। बारा सिंघे ,हिरन ,पहाड़ी बकरियां अक्सर दिखाई पड़ जाती है। रीछ भी दिखाई देते हैं। 

                                                                                         

           

Athabasca Water Fall 
             २ लाख साल इस आबशार को बनने को लगे 

                                            

Peyto Lake

       Peyto Lake Glacier पिघलने से हज़ारों साल बाद बना है 
                                        
                                         
Sunwapta Fall 

              हम ने Hinton टाउन को अपना २ रात का ठिकाना बनाया जहाँ हम Air BNB facility में ठहरे। पहली बार इस तरह रुकने का तजुर्बा (Experience ) हुवा पूरा बंगाल ३ बैडरूम, हॉल और किचन बाथरूम पर मुश्तमिल था। इस के अलावा डिश वॉशर ,,वाशिंग मशीन ,वैक्यूम क्लीनर ,हॉट प्लेट ,शकर ,कॉफ़ी ,कटलरी ,बच्चों के खिलोने हर चीज़ मौजूद। front door को खोलने के लिए code था। इस्तेमाल के बाद हमें ही साफ़ करना होता है और दरवाज़ा बंद कर किसी के टच में आये बग़ैर रूम को बंद कर एक message कंपनी को करना होता है। 
          हम ने कार से कैलगरी से ही Hinton ५०० किलो मीटर का सफर किया। ज़्यादा सफर हाईवे नंबर १ पर था। रस्ते में हाईवे से क़रीब ५ टाउन मिले Cochrane (Poulation ३८००० ), Canmore Town (Population 18000 ),Banff (Population 8000 ), Jasper (Population 5000 ) जेस्पर टाउन में दो साल पहले जंगलों में भयंकर आग लगी थी 50 से 60 KM जंगल आग में जल कर खाक होगये थे। Jasper Town भी जल कर खाक होगया था। इसे फिर  नये सिरे से बसाया जा रहा है। आखिर में हम Hinton Town पहुंचे (Population  १०,००० )Jasper से आबादी Hinton Town ) शिफ्ट हो गयी है।  हर जगह Indians ,Business और काम करते नज़र आये । पंजाब ,गुजरात ,महाराष्ट्र से ज़ियादा लोग मिले।  कनाडा में Chinese भी बड़ी संख्या में हैं। 
            यहाँ छोटे छोटे टाउन भी बड़े खूबसूरत होते हैं। कम आबादी होने की बिना पर यहाँ लोगों को बुलाया जा रहा है। 


शनिवार, 30 अगस्त 2025

Brass Pro Shops

                                                    Brass pro shops Calgary Canada(Alberta)

   कैलगरी कनाडा रोड पर Brass Pro Shop एक बहुत आलीशान मॉल हैं जहाँ से आप हर तरह के  शिकार का सामान खरीद सकते हैं। कनाडा में ४ महीने गर्मी का मौसम होता है। फिर बे इन्तहा सर्दी। गर्मी के ३ से चार महीनों में कनाडा में जश्न का माहौल होता है। यहाँ शिकार के लिए लइसेंस गवर्नमेंट की तरफ से लोगों को दिया जाता है। हिरन ,बारा सिंघा और रीछ के शिकार की इजाज़त होती है। लोग अपने कारवां के साथ पहाड़ों में कैंपिंग करने निकल जाते हैं। कई कई दिन पहाड़ियों के बीच खेमे (tent )तान कर दिन बिताते हैं। शिकार करते हैं उनके अपने साथ बोट भी होती है जिस में तालाबों में घूम फिर मछली भी पकड़ते हैं। यहाँ लोगों को barbeque करने का बड़ा शौक़ है। कैंपिंग के दौरान हर एक के पास barbeque करने की अपनी facility होती है। 

    यहाँ की खुशहाल ज़िन्दगी  का राज़ है गवर्नमेंट की तरफ से दी जाने वाली कई facilities  पेंशन तो मिलती ही है , सेहत और एजुकेशन भी फ्री है। अक्सर बच्चे भी माँ बाप के साथ नहीं रहते ,जो भी ज़िन्दगी भर कमाई होती है लोग अपने आप पर ही खर्च कर लेते है। या आखिर में ट्रस्ट बना कर कुत्ता बिल्ली या खैराती कामों को दे जाते हैं। 

Brass Pro shops  (fishing ,hunting ,camping ,barbeque items ,bow and arrow ,all types of boats ,stuffed animals available in store ) में ली गयी तस्वीरें जहाँ मछली पकड़ने के कांटे ,बड़ी छोटी बोट ,शिकार की बन्दुक ,telescope ,तीर कमान ,टारगेट प्रैक्टिस करने के लिए बनाये गए जानवर ,असली जानवर को खाल में stuffed करके रखा गया 

Brass Pro Shop कैलगरी में ली गयी कुछ फोटोज 

   

polar bear 
walrus 

                                                                   Black bear 

                                           

                                                                  १ करोड़ की बोट 
                     
                                             


मंगलवार, 26 अगस्त 2025

Takakkaw Falls



आये ठहरे, और रवाना होगये 

ज़िन्दगी क्या है ,सफर की बात है 

                                                                  Takakkaw Falls 

ब्रिटिश कोलंबिया कनाडा में Yoho National Park में ये झरना (water Fall )तक़रीबन ३७३ मीटर (१२२४ फ़ीट ) की ऊंचाई से गिरता है और वह योहो नदी की शक्ल इख़्तियार कर , ये नदी KICKING HORSE RIVER बड़ी नदी में शामिल होजाती है। ग्रीन भाषा में Takakkaw का मतलब होता है MAGNIFICIENT (शानदार ,अज़ीमुशान) डाली ग्लेशियर पिघल कर कई हज़ार सालों से ये झरना बह रहा है। १३००० साल पुराने आसार (SIGNS) से पता चलता हैं जब (ABORIGINAL) जिन्ह कनाडा में फर्स्ट नेशन भी कहा जाता है शिकार करते यहाँ से गुज़रते थे इस ज़माने में उन के बने  (कैम्प्स ) के निशानात अब भी कनाडा में कहीं कहीं नज़र आ जाते हैं और उन निशानात की बड़े एहतियात से हिफाज़त भी की जाती है। यहाँ बड़ी तादाद में भालू नज़र आ जाते हैं। सैलानियों को ग्रुप्स में जाने के लिए जगह जगह नोटिसस।/वॉर्निंग्स लगे हैं। 

    जून से अक्टूबर के दरमियान यहाँ VISIT किया जा सकता है। बाकि महीने सख्त सर्दी (-४५ डिग्री ) की वजह से इस झरने तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया जाता है। झरना भी बर्फ बन जाता है। 

     अब भी झरने पर पहुंच कर ऑंखें बंद करने पर हज़रों साल पुराने बर्फ को अपने चेहरे पर महसूस किया जा सकता है। ऑक्सीजन से लबरेज़ हवा में साँस लेने पर महसूस होता है हम फ़ज़ा में घुल गए हैं। 



Takakkaw Falls





रविवार, 24 अगस्त 2025

safar shart hai

                                        इसी बहाने से मगर देख ली दुनिया हम ने 

कैलगरी  ये कनाडा की अल्बर्टा प्रोविंस में एक शहर है जहाँ मैं अपनी बेटी हिना पटेल के घर क़याम पज़ीर हूँ। कैलगरी से ११० किलो मीटर दुरी पर ड्रमहेलर टाउन है कहा जाता है लाखों साल पहले यहाँ डायनासोर घुमा करते थे। यहाँ कई सौ किलो मीटर समंदर भी था। जो १० लाख साल पहले पूरी तरह सूख गया है। और वहां चटानों पर कई डायनासोर  ,परिंदे ,मछलियां फॉसिल की शक्ल में अपने निशानात छोड़ गए हैं। जिनेह अब इखट्टा किया जा रहा है। १९०२ साल में पहली बार डायनासोर के आसार मिले थे। १२३  सालों की अनथक महनत और रिसर्च के बाद कई तरह के डायनासोर ,परिदों और मछलियों को अपनी असल शक्ल में जमा किया गया है। फॉसिल की स्टडी करने वाले साइंटिस्ट को प्लॉन्टोलॉजिस्ट कहा जाता है। ड्रमहेलार  टाउन में एक शानदार म्यूजियम हैं जिस का नाम रॉयल टेरिअल म्यूजियम है यहाँ एक रिसर्च इंस्टिट्यूट भी है। ड्रमहेलर टाउन से १५ किलोमीटर दुरी पर हूडूस वादी है जहाँ किसी ज़माने में गहरा समंदर था अब मशरूम की शक्ल की चटानें देखने को मिलती है अमेरिका की बॉर्डर यहां से नज़दीक हैं बहुत से सैलानी रॉयल टेरिअल म्यूजियम और हूडूस वादी देखने आते हैं। ड्रमहेलर टॉउन में हर घर के सामने डायनासोर के रंग बिरंगे मॉडल रखे हैं। 

           ड्रमहेलर टाउन के चारों ओर कई सौ क
च्चे तेल के कुवें हैं जहाँ पंप लगे हैं और कच्चा तेल निकाल  कर रेफायनरी को भेजा जाता है। कनाडा कच्चा तेल पैदा करने वाले मुल्कों में चौथे मुक़ाम पर है। 

          अफ़सोस दुनिया में हर जगह लाखों साल पुरानी हिस्टरी को ज़िंदा करने की कोशिश की जा रही है वही हिंदुस्तान में हज़ारों साल पुराणी हिस्ट्री को मिटाने की कोशिश ज़ोर शोर से जारी है 

                  न समझोंगे तो मिट जाओंगे ऐ हिंदुस्तान वालों 

                   तुम्हारी दास्ताँ तक भी न होंगी दस्तानों में 

       इसी तरह इंसानो के
माध्यम से महोलियत एनवायरनमेंट को नुकसान पुह्चाने का सिलसिला ख़त्म नहीं होता जिस तरह ६.५ लाख साल पहले सहाब साकिब astoriod को गिरा कर अल्लाह ने नेस्त नाबूत कर दिया उसी तरह अल्लाह के पास इंसानों की नस्ल को बर्बाद करने की ताक़त है। अल्लाह अपने निज़ाम को अपनी मर्ज़ी से चलाता है। 


royal tyrell museum Drum Heller Alberta 

hoodoo Drumheller Alberta Canada
Hoodoo Drum heller Alberta Canada
Tyrrell Museum Drum Heller Alberta Canada 
Tyrrell Museum Alberta Canada 
Tyrrell Museum
Tyrell Museum
Hoodoo 
Hoodoo

                                                                Drum Heller town Square