खुशबु जैसे लोग मिले
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| Myself with Dr Affan |
हम ने दुबई को दो बार विजिट की । अफ्फान छोटा था हम दोनों उनके बिल्डिंग की छत पर स्विमिंग पूल में घंटों नहाया करते। जितने दिन रहा शौक़ पूरा करता रहा। मुझे शतरंज खेलने के लिए भी कहता लेकिन ज़िन्दगी में ने शतरंज कभी खेला ही नहीं था इसलिए उस का साथ न दे सका ।
अक्सर डॉ वासिफ से जो दुबई में रहते है ,अफ्फान के APJ बारे में जानकारी मिलते रहती। ५ क़ुरान के पारे हिफ़्ज़ कर रखे हैं। .उसकी किरात भी बहुत उम्दा है। चैस में अपने दादा अयाजोद्दीन की विरासत को आगे बढा रहा है।
आठवे स्टैण्डर्ड तक दुबई के स्कूल में तालीम मुक़म्मिल की हर साल क्लास में टॉप करता रह । अपने ख्वाबों की तामीर के लिए अपने वालिद के हुक्म पर पूना का रुख किया।
DR APJ Abdulkalam का क़ौल है "You have to Dream before your Dreams come true " बचपन से इस बच्चे (अफ्फान ) ने डॉक्टर बनने का ख्वाब सजा रखा था। शायद DR APJ Abddulkalam के इस क़ौल से भी वो वाकिफ था " A dream is not that you see while sleeping , it is something that does not let you sleep "
किसी उर्दु शायर ने भी कहा है
कोशिश भी कर उम्मीद भी रख रास्ता भी चुन
फिर उसके बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर
उसे अपनी दो बड़ी बहनों डॉ सिदृरा नाज़िमुद्दीन और डॉ सारा नाज़िमुद्दीन से भी प्रेरणा (inspitaion ) मिली हो जो मेडिकल प्रोफेशन को अपना चुकी थी। अपने वालिदैन (नज़ीमुद्दीन और निकहत )से भी उसे पूरी पूरी सहायता मिली। क्यूंकि ख्वाबों की तकमील के लिए हालात भी सही मयस्सर आने चाहिए।
10th मैं 95 % मार्क्स स्कोर करना जुए शीर ( दूध की नहर खोदना ) लाने से कम नहीं। 12th स्टैण्डर्ड में 90 %
और नीट एग्जाम में महराष्ट्र में ३०० रैंक। किसी ख्वाब की मानिंद लगता है।
खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
उसे JJ medical college mumbai से एडमिशन ऑफर था जो उसने ठुकराय और B J Medical college puna में अपनी ज़ाती चॉइस मर्ज़ी से दाखला करवाया।
GEN Z अफ्फान भी इसी GEN से ताल्लुक़ रखता है ,की ये खूबी है के उनमे बला की खुद ऐतेमादि देखने को मिलती है।
१. अफ्फान में भी खुद ऐतेमादि मौजुद है लेकिन अना (Ego ) से पाक। ज़मीं से जुड़ा है। वालेदैन बुज़र्गों की इज़्ज़त
अहतराम का जज़्बा शायद घर खानदान से मिला है।
२. ५ क़ुरान के पारों का हिफ़्ज़ करना मानी रखता है। खूबसरत आवाज़ में किरात भी कर लेता है। नमाज़ की पाबंदगी
३. डिबेट में स्कूल कॉलेज में कई ट्रॉफीज हासिल कर चूका है
४. शतरंज (chess ) खेलना उसे विरसे में मिला है।
५. उर्दू शायरी से दिलचस्पी है ,उर्दू पढ़ लेता है ,लिख भी सकता है। उर्दू के उर्दू शेर उसे ज़बानी याद है।
अच्छे अख़लाक़ से ज़िन्दगी में बहुत कामयाबियां मिलती है। ऐसे लोग क़ौम मुल्क के लिए सरमाया होते हैं। इंशाल्लाह बहुत जल्द अफ्फान अच्छा MBBS डॉक्टर बन कर अपने खानदान क़ौम का नाम रौशन करेंगा। डॉ अफ्फान को नेक ख्वाहेशात रोशन मुस्तक़बिल के लिए ढेर साड़ी दुवायें। आमीन
ख़ानदान और क़ौम के बच्चों को डॉ अफ्फान की मिसालि ज़िंदगी से सबक़ लेने की ज़रूरत है।
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| affan ke Ghar ki 2 drs sisters Dr Sara &Dr Sidra |