बुधवार, 11 मार्च 2026

ek shakhs sare shaher ko weeran kar gaya

                                                  एक शख्स सरे शहर को वीरान कर गया 

    1930 से 1945 के दरमियान पैदा होने वालो  को जनरेशन silent generation कहा जाता है। मुरकोबद्दीन मामू भी १९३३ में पैदा हुए। आप की शख्सियत में भी एक ठहराव था। फिर baby boomer ,generation x ,Mellenials ,Generation Z ,Generation Alpha ,Beta को अपनी आँखों से देखा। सेकंड वर्ल्ड वॉर ,जंगे आज़ादी ,पाकिस्तान और बांग्ला देश का बनना ,पाकिस्तान के साथ दो wars, china से war ,जलगांव के दंगे कितने हादसों को रु रु ब देखा। कुछ लोग छोटी छोटी चीज़ों से डिस्टर्ब होजाते हैं। लेकिन ये बंदा slow & steady अपनी मंज़िल की जानिब बढ़ते रहे। 

मंगलवार, 10 मार्च 2026

j &k team record win

                                                          جموں  کشمیر ٹیم نے رانجی ٹرافی میں تاریخ رقم کر دی 

                                                                                                                                              مکرمی 

 ہندوستان میں فلم انڈ سٹری اور کرکٹ نے وطن کو جوڑا ہے کل جب جموں کشمیر ٹیم نے کرناٹک کے خلاف رانجی ٹرافی فائنلس میں ٩٢٦ رنوں کا انبار لگا کر ہبلی میں تاریخ رقم کردی اور کرناٹک ٹیم کو بے دست و پا کر دیا باوجود اسکے کے ،ٹیم میں چار نیشنل پلیئرز کھیل رہیں تھے عاقب نبی جو برامللہ ایکسپریس کے نام سے جانے جاتے ہیں  رانجی ١٠ٹرافی   میچز میں اپنی تہلکہ خیز بالنگ سے کل  ٦٠ وکٹ حاصل کے  اور ٹیم کی کامیابی کا حصّہ رہے 

     جموں کشمیر ٹیم نے  یہ مقام اپنی لگاتار جددو جہد اور محنت سے حاصل کیا ہے ٹیم کو اس مقام تک لانے میں بشن سنگھ بیدی ،عرفان پٹھان اور کوچ اجے شرما کی رہنمایی رہی -اس کامیابی سے ٹیم کے پلیئرز کو نیشنل ٹیم میں جلد  جگہ ملنے کی امید ہے 

جموں کشمیر ٹیم کو اس شاندار جیت پر دلی مبارکباد اور نیک خواہشات 

شگفتہ راغب شیخ 

نیرول (نئی ممبئی 

रविवार, 18 जनवरी 2026

aaj ka sher

 

पेड़ काटने वालों को ये मालूम तो था 

जिस्म जल जायेंगे जब सर पे न साया होंगा 

پیڈ کاٹنے والوں کو یہ معلوم تو تھا 

جسم جل جاینگے جب سر پے نہ سایا ہونگا 

गुरुवार, 1 जनवरी 2026

get together

                                                 कोशिश भी कर उम्मीद भी रख रास्ता भी चुन 

                                                  फिर उसके बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर 

            २०२५ रुखसत हो रहा था चंद घड़ियाँ बची थी। अचानक भाभी जान (ज़ुबेदा ) समीरा ,नाएला मुझे और शगुफ्ता को मिलने मेरे घर पहुंचे। क्या खूबसूरत माहौल था। न शिकायत न कोई गिला लगा हर कोई हमारे ख़ानदान का हिस्सा होने पर खुश (शाद ) था। नाएला का एक जुमला चौंका देने वाला था। अल्लाह ने हमारे ख़ानदान को उस मुक़ाम पर पुहंचा दिया है जहाँ हम जो तमन्ना करते हैं उस से बढ़ कर मिल जाता है अल्हम्दोलीलाह । दिल अल्लाह के शुक्र से पुर है। हम सब ने इस बात को एग्री किया। माशाल्लाह हर किसी ने ज़िन्दगी में बेइंतेहा मेहनत की है तब ये नतीजा आया है। 

             अब्बा हाजी क़मरुद्दीन का  ज़िक्र हुवा किस तरह अपनी  क़लील (कम) जायज़ आमदनी से हम चार भाइयों की  परवरिश की और हम सब के दिल दिमाग़ में ये बात पेवस्त हो गयी के हलाल रिज़्क़ क्या मानी (मीनिंग ) रखता है। उज़्मा इंडिया आयी दोनों मिया बीवी मुझे मिलने आये। वह भी अपनी ज़िन्दगी में सरशार (खुश ) है। सना ,हिना ,इरम ,लुबना, नावेद ,ईशा ,रूही सदफ  अल्लाह ने सभी को एक खुशहाल ज़िन्दगी अता की है उस मालिक का जितना शुक्र अदा किया जाये कम हैं। कभी कभी अपने आप पर रश्क होता है ,अल्लाह  ज़माने की बुरी नज़र से मेहफ़ूज़ रखे।  हमारे बुज़ुर्ग भाभी जान ,डॉ वासिफ अहमद ,नीलोफर भाभी का साया हम  पर क़ायम रखे। नयी पौद (Generation ) को  बे इन्तहा तरक़्क़ी अता हो। आमीन 

कुछ खूबसूरत लम्हे जो साथ बिताये 


सोमवार, 1 दिसंबर 2025

Mcdonald food not Halal

                                            میکڈونلڈ آؤٹ لیٹ میں حلال کھانا نہیں ملتا 

مکرمی 

آج سی ووڈ مال نیرول میں مکڈونلڈ اوٹ لٹ میں  چکن کا ایٹم آرڈر کیا تھا کھانے سے پہلے اسٹاف سے میں نے پوچھ لیا "کیا آپ کے یہاں حلال کھانا ملتا ہے -اس نے کہا جی نہیں -بعد میں سپروائزر سے پوچھنے پر اس نے بھی کہا کے حلال ٹیگ لگ کے نہیں آتا مجھے کھانا پھیکنا پڑا  -پہلے مکڈونلڈ ہر آؤٹ لیٹ پر حلال لکھا ہوتا تھا -دو مہینے پہلے کینیڈا جانے کا اتفاق ہوا وہاں بھی مکڈونلڈ اوٹ لیٹس میں حلال کھانا مل رہا ہے اچانک ہندوستان میں تبدیلی کی  کیوجہ سمجھ نہیں پایا 

راغب احمد شیخ 

نیرول (نوی ممبئی )


मंगलवार, 18 नवंबर 2025

Reduce screen time


                                                                              

                                                                            

                                                                      سوشل میڈیا سے دوری ضروری 

آج سوشل  میڈیا کا دور ہے ہر ایک ہاتھ میں موبائل ہے سستا ڈیٹا اویلبل ہے ، وھاٹس اپ ،انسٹگرام ،یو ٹیوب پر چھوٹے چھوٹے ویڈیو ریلس، میسیجز  دستیاب ہیں جس میں ہر کسی کو اپنی پسند کا مواد دستیاب ہو جاتا ہے .آج جس طرح لوگ زندگی کے پیچیدہ مسا یل سے جھونجھ رہے ہیں کتابیں پڑھنے کو وقت اور سکوں درکار ہوتا ہے   ساتھ ساتھ ذہن پر زور بھی دینا پڑتا ہے .ایک منٹ بیہودہ ریل دیکھ کراور اس کے  بعد لگے قہقہ کو سن کر وقتی طور پر ذہنی تسکین ملجاتی   ہے ویڈیو گیم کھیل کرایک  کک ملتا ہے جسطرح گٹکا تمباکو سے وقتی سکوں ملتا ہے - لیکن کتابیں پڑھنے سے ایک عجیب سکوں ملتا ہے غور خوس کرنے کی عادت ڈیولپ ہوتی ہے اور ان چیزوں کے لئے بچپن ہی سے گھر میں اس طرح کا سازگار ماحول بنانا پڑے گا گھر میں اخبار نویسی اور گھر کے ہر فرد کو کتاب نویسی کی عادت ڈالنی ہونگی گھر میں صحت مند بحث مباحث کا ماحول تییار کرنا ہونگا گھر کے ہر فرد کو سکرین ٹائم کم کرنا ہونگا یعنی سوشل میڈیا سے دوری بنانی ہونگی 

  مجھے خود نوشت ،خاکے سوا نح حیات  پڑھنے کا ہمیشہ سے شوق رہا ہے -ہمیشہ  ٢ یا  ٣ کتابیں میرے زیرے مطا لیارہتی ہے   مجتبیٰ حسسیں کی تمام کتابیں پڑھ چکا ہوں -ابن صفی  میرے  پسندیدہ مصنف رہے ہے -پچھلے سال مستنصر تراڑ حسین  کی پیار کا پہلا شہر ،جاوید سددیقی کی دو کتابیں روشن دان اور لنگر خانہ ،ندا فاضلی کی کتابیں دیواروں کے بیچ ،دیواروں کے باہر پڑھی اور لطف انداز ہوا اب تو ریختہ سائٹ پر ہزاروں اردو کی کتابیں دستیاب ہیں -میری نظروں میں کتب بینی سب سے بہتر مشغلہ ہے 



सोमवार, 17 नवंबर 2025

एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक

                                                     एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक 

       माशाल्लाह ये शादी का हंगामा था। परवेज़ सैय्यद के फ़रज़न्द अफ्फान का निकाह जनाब अय्यूब सैय्यद की साहबज़ादी  उनैज़ा से ,नासिक में 19th अक्टूबर को होना था  । 18th अक्टूबर २०२५ को नवापुर में हल्दी की रस्म और दावत का इंतेज़ाम था। बहुत सादगी से हल्दी की रस्म अदा की गयी। पाकिस्तान में और मुंबई में भी हल्दी मेहँदी की रस्म ,नाच ,गाना ,D.J और बेहूदगी देख कर , सर शर्म से झुक जाता है। माशाल्लाह रिश्तेदारों में  शादी  में ,न जहेज़ ,न बेहूदा रस्मे।

             पता चला में भी बुज़र्ग होगया हूँ। निकाह में सलीम तुराब अली शैख़ के साथ मैं ने भी शाहिद के फ़रायज़ अंजाम दिये । अय्यूब सैय्यद साहब ने भी अच्छा इंतेज़ाम रखा। परवेज़ सैय्यद ने २ लक्ज़री बसेस का इंतेजाम किया था। औरतों और हम जैसे बुज़र्गों के लिए स्लीपिंग कोच भी थी। नवापुर  से १०० लोगों ने निकाह में शिरकत की। 21st अक्टूबर को नवापुर म्युनिसिपल हॉल वलीमे की सुन्नत ,शानदार तौर पर अदा की गयी। 

Affan Unaiza walima 
      जो शख्स बन्दों का शुक्रगुज़ार नहीं होता ,वह अल्लाह का शुक्रगुज़ार हो ही नहीं सकता 
19th तह अक्टूबर २०२५ को अफ्फान के निकाह के बाद जनाब मुजाहिद शैख़ सर से मुलाक़ात हुयी मुझे खुद से पुरखुलूस अंदाज़ में introduce करवाया "ज़िन्दगी भर में कभी आप और इक़रा खानदेश को भूल नहीं सकता " उनके फ़रज़न्द फहद शेख को इक़रा खानदेश फाउंडेशन की तरफ स्कॉलरशिप मे दी गयी थी। शायद मुजाहिद सर पहले और आखरी शख्स हैं जिनोहने पहली फुर्सत में इक़रा खानदेश के अकाउंट में  रक़्म लौटा दी। फ़हद शैख़ ने इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में डिप्लोमा करने के बाद ABB मल्टीनेशनल कम्पनी में मुलाज़मत हासिल कर ली।इक़रा खानदेश फाउंडेशन के लिए  एक मिसाल है। मुजाहिद सर नासिक ITI में फिटर  सब्जेक्ट पढ़ाते हैं। और रोज़ाना जूनियर खानदेश ग्रुप और जलगांव रिलेटिव ग्रुप में स्टूडेंट्स के मार्ग दर्शन के लिए कोर्सेज ,JOB OPPORTUNITES उन्वान पर मालूमात शेयर करते रहते है। अल्लाह जज़ाए खैर अता करे आमीन। 
                      
MUJAHID SIR KE SATH

                                           
FAHD SHAIKH

                                                            
FAHD SHAIKH DIPLOMA CERTIFICATE


                                                      आज तुम याद बे हिसाब आये 

          अफ्फान के निकाह के बाद हॉल में मरहूम बशीर मामू के फ़रज़न्द कलीम शैख़ से मुलाक़ात हुयी। बशीर मामू की अहलिया (WIFE ) शबनूर बी से उनके घर जा कर मुलाकत की, भड़भूँजे की पुरानी यादें ताज़ा होगयी  । बशीर मामू को भड़भूँजे में सब बशीर टपाली के नाम से जानते थे। ट्रैन से जो पोस्ट आती बशीर मामू फ़ौरन सॉर्ट आउट करके लोगो तक पुहंचा देते थे। भड़भूँजे में सभी उनको जानते यही और वो भी सभी को जानते थे। मैं ने भी उनके साथ बैठ कर पोस्ट सॉर्ट आउट की है।  
          अल्लाह मरहूम बशीर मामू को जन्नत नसीब करे आमीन। 
           
Mohtrema shabnur bi ke sath
PS : जलगांव विजिट में मामू मुरकोबद्दीन से मुलाक़ात का ज़िक्र करना भूल गया। मुबा मुमानी की कमी महसूस हुयी कफील ने हमेशा की तरह ईरानी चाय से ज़ियाफ़त की।