मंगलवार, 18 नवंबर 2025

Reduce screen time


                                                                              

                                                                            

                                                                      سوشل میڈیا سے دوری ضروری 

آج سوشل  میڈیا کا دور ہے ہر ایک ہاتھ میں موبائل ہے سستا ڈیٹا اویلبل ہے ، وھاٹس اپ ،انسٹگرام ،یو ٹیوب پر چھوٹے چھوٹے ویڈیو ریلس، میسیجز  دستیاب ہیں جس میں ہر کسی کو اپنی پسند کا مواد دستیاب ہو جاتا ہے .آج جس طرح لوگ زندگی کے پیچیدہ مسا یل سے جھونجھ رہے ہیں کتابیں پڑھنے کو وقت اور سکوں درکار ہوتا ہے   ساتھ ساتھ ذہن پر زور بھی دینا پڑتا ہے .ایک منٹ بیہودہ ریل دیکھ کراور اس کے  بعد لگے قہقہ کو سن کر وقتی طور پر ذہنی تسکین ملجاتی   ہے ویڈیو گیم کھیل کرایک  کک ملتا ہے جسطرح گٹکا تمباکو سے وقتی سکوں ملتا ہے - لیکن کتابیں پڑھنے سے ایک عجیب سکوں ملتا ہے غور خوس کرنے کی عادت ڈیولپ ہوتی ہے اور ان چیزوں کے لئے بچپن ہی سے گھر میں اس طرح کا سازگار ماحول بنانا پڑے گا گھر میں اخبار نویسی اور گھر کے ہر فرد کو کتاب نویسی کی عادت ڈالنی ہونگی گھر میں صحت مند بحث مباحث کا ماحول تییار کرنا ہونگا گھر کے ہر فرد کو سکرین ٹائم کم کرنا ہونگا یعنی سوشل میڈیا سے دوری بنانی ہونگی 

  مجھے خود نوشت ،خاکے سوا نح حیات  پڑھنے کا ہمیشہ سے شوق رہا ہے -ہمیشہ  ٢ یا  ٣ کتابیں میرے زیرے مطا لیارہتی ہے   مجتبیٰ حسسیں کی تمام کتابیں پڑھ چکا ہوں -ابن صفی  میرے  پسندیدہ مصنف رہے ہے -پچھلے سال مستنصر تراڑ حسین  کی پیار کا پہلا شہر ،جاوید سددیقی کی دو کتابیں روشن دان اور لنگر خانہ ،ندا فاضلی کی کتابیں دیواروں کے بیچ ،دیواروں کے باہر پڑھی اور لطف انداز ہوا اب تو ریختہ سائٹ پر ہزاروں اردو کی کتابیں دستیاب ہیں -میری نظروں میں کتب بینی سب سے بہتر مشغلہ ہے 



सोमवार, 17 नवंबर 2025

एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक

                                                     एक हंगामे पे मौक़ूफ़ है घर की रौनक 

       माशाल्लाह ये शादी का हंगामा था। परवेज़ सैय्यद के फ़रज़न्द अफ्फान का निकाह जनाब अय्यूब सैय्यद की साहबज़ादी  उनैज़ा से ,नासिक में 19th अक्टूबर को होना था  । 18th अक्टूबर २०२५ को नवापुर में हल्दी की रस्म और दावत का इंतेज़ाम था। बहुत सादगी से हल्दी की रस्म अदा की गयी। पाकिस्तान में और मुंबई में भी हल्दी मेहँदी की रस्म ,नाच ,गाना ,D.J और बेहूदगी देख कर , सर शर्म से झुक जाता है। माशाल्लाह रिश्तेदारों में  शादी  में ,न जहेज़ ,न बेहूदा रस्मे।

             पता चला में भी बुज़र्ग होगया हूँ। निकाह में सलीम तुराब अली शैख़ के साथ मैं ने भी शाहिद के फ़रायज़ अंजाम दिये । अय्यूब सैय्यद साहब ने भी अच्छा इंतेज़ाम रखा। परवेज़ सैय्यद ने २ लक्ज़री बसेस का इंतेजाम किया था। औरतों और हम जैसे बुज़र्गों के लिए स्लीपिंग कोच भी थी। नवापुर  से १०० लोगों ने निकाह में शिरकत की। 21st अक्टूबर को नवापुर म्युनिसिपल हॉल वलीमे की सुन्नत ,शानदार तौर पर अदा की गयी। 

Affan Unaiza walima 
      जो शख्स बन्दों का शुक्रगुज़ार नहीं होता ,वह अल्लाह का शुक्रगुज़ार हो ही नहीं सकता 
19th तह अक्टूबर २०२५ को अफ्फान के निकाह के बाद जनाब मुजाहिद शैख़ सर से मुलाक़ात हुयी मुझे खुद से पुरखुलूस अंदाज़ में introduce करवाया "ज़िन्दगी भर में कभी आप और इक़रा खानदेश को भूल नहीं सकता " उनके फ़रज़न्द फहद शेख को इक़रा खानदेश फाउंडेशन की तरफ स्कॉलरशिप मे दी गयी थी। शायद मुजाहिद सर पहले और आखरी शख्स हैं जिनोहने पहली फुर्सत में इक़रा खानदेश के अकाउंट में  रक़्म लौटा दी। फ़हद शैख़ ने इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में डिप्लोमा करने के बाद ABB मल्टीनेशनल कम्पनी में मुलाज़मत हासिल कर ली।इक़रा खानदेश फाउंडेशन के लिए  एक मिसाल है। मुजाहिद सर नासिक ITI में फिटर  सब्जेक्ट पढ़ाते हैं। और रोज़ाना जूनियर खानदेश ग्रुप और जलगांव रिलेटिव ग्रुप में स्टूडेंट्स के मार्ग दर्शन के लिए कोर्सेज ,JOB OPPORTUNITES उन्वान पर मालूमात शेयर करते रहते है। अल्लाह जज़ाए खैर अता करे आमीन। 
                      
MUJAHID SIR KE SATH

                                           
FAHD SHAIKH

                                                            
FAHD SHAIKH DIPLOMA CERTIFICATE


                                                      आज तुम याद बे हिसाब आये 

          अफ्फान के निकाह के बाद हॉल में मरहूम बशीर मामू के फ़रज़न्द कलीम शैख़ से मुलाक़ात हुयी। बशीर मामू की अहलिया (WIFE ) शबनूर बी से उनके घर जा कर मुलाकत की, भड़भूँजे की पुरानी यादें ताज़ा होगयी  । बशीर मामू को भड़भूँजे में सब बशीर टपाली के नाम से जानते थे। ट्रैन से जो पोस्ट आती बशीर मामू फ़ौरन सॉर्ट आउट करके लोगो तक पुहंचा देते थे। भड़भूँजे में सभी उनको जानते यही और वो भी सभी को जानते थे। मैं ने भी उनके साथ बैठ कर पोस्ट सॉर्ट आउट की है।  
          अल्लाह मरहूम बशीर मामू को जन्नत नसीब करे आमीन। 
           
Mohtrema shabnur bi ke sath
PS : जलगांव विजिट में मामू मुरकोबद्दीन से मुलाक़ात का ज़िक्र करना भूल गया। मुबा मुमानी की कमी महसूस हुयी कफील ने हमेशा की तरह ईरानी चाय से ज़ियाफ़त की। 
                                     

गुरुवार, 13 नवंबर 2025

JALGAON VISIT

                                                    घर को जाने वाले रस्ते अच्छे लगते हैं 

                                                    दिल को दर्द पुराने अच्छे लगते हैं 

                                                    फूल नगर में रहने वालों आकर देखो 

                                                    अपने घर के कांटे अच्छे लगते हैं 

 25th november 2025 नवापुर से जलगांव दादर भुसावल (spl ) से १०३० बजे सुबह धरणगांव पहुंचा वहां से एरंडोल ,खालिद शैख़ के साथ दिन बिताया। शाम जलगांव पहुंचा। होटल महिंद्रा अजंता नाका में ४।दिन क़याम रहा। 

Hotel mahindra jalgaon


         सूरत भुसावल सेक्शन में हर प्लेटफार्म की लम्बाई १ किलोमीटर है। चिंचपाड़ा ,नंदुरबार ,सिंध खेड़ा ,अमलनेर और धरणगांव सभी स्टेशनों के नाम उर्दू में भी लिखे नज़र आये। वेस्टर्न रेलवे का शुक्रिया उर्दू ज़बान को ज़िंदा रखने की एक कोशिश/मिसाल है। 

           २५ अक्टूबर रात रिज़वान जहाँगीरदार की दुख्तर (Daghter ) की हल्दी की रस्म थी उनकी जानिब से थीम कॉलेज में मुशायरे का एहतेमाम किया गया था। रिज़वान जहाँगीरदार का शुक्रिया मुशायरे की रिवायत को ज़िंदा करने की कोशिश की ये उम्दा मिसाल है। 

              रिवायती अंदाज़ में सदरे मुशायरा करीम सालार और तमाम मुशायरा में शरीक शाइरों के हाथों शमा जलाई गयी। मुक़ामी शायरों ने कलाम पेश किया साबिर मुस्तफ़ाबादी की निज़ामत शानदार रही। निहाल धुलवीं ने मज़ाहिया और मुक़ामी खानदेशी लहजे में शायरी सुना कर महफ़िल को ज़ाफ़रान ज़ार किया। 

          हास्ले मुशायरा रहा ३ घंटे सालार साहब के साथ बैठ कर उन के उम्दा कमेंट सुनना ,तबियत खुश होगयी। सालार साहब सुबह ६ बजे से घर से निकले थे ,और मशायरे के आखिर वक़्त तक ज़िंदा दिली का मज़ाहिरा करते रहे ।

              दूसरे रोज़ २६ अक्टूबर निकाह की महफ़िल में शिरकत और गोश्त मांडे का लज़ीज़ खाना। मोबिनद्दीन मालिक के साथ एक थाली में खाना  enjoyकिया । सलाहुद्दीन नूरी ,हसींन ,बी.क.शैख़ ,आसिफ शैख़ ,कमर अहमद, हाफिज जावेद  सब ने साथ खाने में अजब लुत्फ़ रहा । रिज़वान ,राग़िब ,रईस जहाँगीरदार भाइयों  ने ख़ुश दिली से खाना माशाल्लाह  परोसा ,मेहमान नवाज़ी का हक़ अदा किया। 

          दूसरे रोज़ एंग्लो उर्दू स्कूल को विजिट भी रही। पुरानी यादें ताज़ा होगयी। काफी मुसबित (positive ) चैंजेस नज़र आये। हर क्लास में स्मार्ट बोर्ड ,स्टूडेंट्स की हाज़री के लिएलगायी थंब इम्रेशन मशीने ,हर क्लास में लगे कैमरे ,और बेहतरीन किताबों से सजी लिबररी । ऐजाज़ मालिक ,प्रिंसिपल गुलाब शैख़ ,सुहैल अकबर रहमानी से मुलाक़ातें हुयी। 

Anglo library Jalgaon 

                                         तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते है 
                                         किसी बहाने तुम्हे याद करने लगते है 

        


    बड़े क़ब्रस्तान के बाहेर मरहूम हाजीअब्दुल ग़फ़्फ़ार मलिक को वक़्फ़ सबील (प्याऊ )  पर नज़र पड़ी उनकी शफ़्क़तें ,मोहबतें अपनापन याद आगया। मुझे हमेश अपने छोटे भाई की तरह प्यार करते। अल्लाह जन्नत के आला दर्जे नसीब करे। आमीन।  लगा जलगांव मेरे लिए सिमटा जा रहा हो। राशिदअली ,मुनाफ जनाब सब रुखसत होगये। 
        सईदा आपा नुसरत ,काज़िम अली का अपनापन ,ज़ाहिद अली ,अबेदा ,शाहीन ,मुफिजा ,साजिद ,सबीना ,खालिद ,सायमा के खुलूस ने ढारस बनायीं । 
           जनरेशन "Z " में उज़ैर ,हादी ,उमेर , नोमान ,तहरीम , सफ्फान ,समन से मिल कर तस्सली हुयी। 
कलीम ,मज़हर जाने जाना में INTELLECTUAL लोगों के गुण महसूस किये। Generation alfa में जोहन से उम्मीदे वाबिस्ता है। रिदा ,हूरैन  और हिबा के साथ खूबसूरत वक़्त गुज़रा। अल्लाह से दुआ हे बच्चों को ज़हानत नसीब हो ,बहुत तरक़्की करे। आमीन 
            
Rida Hiba Hurain Zohan ke sath 


           

रविवार, 9 नवंबर 2025

fajindar khandan ko mubarkbad

                                                         

                                                        مکرمی 

                                                               فجیندار خاندان کو مبارکباد 

آی سی سی ورلڈ کپ جیتنے والی خواتین ٹیم نے ورڈ کپ اپنے نام درج کراکے پوری دنیا میں نام روشن کیا مبارکباد کے قابل ہے -معروف فجیندار جو رؤف فجیندار کے صاحبزادے ہیں، نے ورڈ کپ جتنے والی خاتوں کرکٹ ٹیم کے آپریشن مینیجر ،آپریشن ہیڈ کے فرایض انجام دے انھیں پراے منسٹر نریندرر مودی مہاراشٹرا کے  وزیر اعلی دوندرا فرنویس نے بھی ان کی صلاحیتوں کو سراہتے ہویے اعزاز سے نوازا -بہت کم عمر میں معروف فجیندار نے اپنی محنت لگن سے یہ مقام حاصل کیا ہے  - اہلے فجیندار خاندان  کو ہماری جانب سے  دل کی گہرایوں سے مبارکباد -الله کی بارگاہ میں د عا ہے معروف فجیندار اسی طرح ملک کی خدمت میں لگا رہے اور بے حد ترقی کرتا رہے آمین 

راغب احمد شیخ 

شگفتہ راغب شیخ 

نیرول (نوی ممبئی )

 معروف پرانی منسٹر کے ساتھ 

                                           

دوندرا فرنویس اجیت دادا پور معروف کا اعزاز کرتے ہے 

  

teri qurbat ke lamhe phool jaise

                                                       तेरी क़ुरबत के लम्हे फूल जैसे 

लास्ट वीक ज़ैन ,उज़्मा और महेक ने हमारे घर को विजिट दी। माशाल्लाह ज़ैन ने थोड़ी देर हमारे साथ बिता कर हम दोनों का दिल जीत लिया। आते ही अपनी शगुफ्ता नानी को लिपट गया। फिर मुझे हग किया। १ १/२ घंटा हमारे साथ गुज़ारा डांस किया हर चीज़ को उलट पुलट कर देखता रहा। बीच बीच में मुझे शगुफ्ता को हग करता रहा। जाने से पहले नींद का ग़लबा था तो थोड़ी बे चैनी की 

                                                       मगर फूलों की उम्र मुख़्तसर है 

                           

zayn ki million dollar muskrahat 
 

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025

AI ZOQ KISI HAMDAME

                                                            खुशबु जैसे लोग मिले   

 ऐ ज़ौक़ किसी हमदमे देरीना का मिलना 

  बेहतर है मुलाक़ातें मसीहा व खिदर से 

  नवापुर में हारिस सय्यद के निकाह /वलीमे में जनाब ताजुद्दीन शैख़ साहब से अरसे बाद फिजिकल मुलाक़ात हुयी। उनसे मेरी पहली मुलाक़ात १९८० /१९८२ में हुयी थी जब एयर फाॅर्स में उनकी पोस्टिंग थाना में थी। मुझे उनोहने ने अपनी कैंटीन से साइकिल दिलवाई थी। शायद  उस ज़माने में ३०० रूपये कीमत थी। 

      फिर ताजुद्दीन शैख़ हिंदुस्तान साहब की एयर फ़ोर्स के दूर दूर मक़ामात में पोस्टिंग होती रही। एयर फ़ोर्स सर्विस पूरी करने के बाद वह दुबई कई साल बड़ी कंपनी में सिक्योरिटी चीफ के ओहदे पर सर्विस देते रहे। हिंदुस्तान लौटने के बाद वो हिंदुस्तान के सभी टोल नाकों पर अपनी पर्सोनेल कम्पनी के लिए सर्विस देते रहे। और अब माशाल्लाह नासिक में क़याम पज़ीर है। कुछ अरसा (टाइम ) अपने फ़रज़न्द के पास हॉलैंड में भी गुज़ारा। 

   तमाम रिश्तेदारी ग्रुप्स में भी रोज़ाना उनके अच्छे अच्छे मेसेजेस दिखाई पड़ते हैं। मुझ गाहे गाहे मोबाइल पर कांटेक्ट में भी रहते हैं। अल्लाह उनेह सेहत के साथ लम्बी उम्र अता करे अमीन। 

                                  जहाँ रहे वो खैरियत के साथ रहे 

                                  उठाये हाथ तो ये एक दुआ याद आयी 

                        

ताजुद्दीन शैख़ के साथ शादी की महफ़िल में 



बुधवार, 5 नवंबर 2025

ZAMEEN KHA GAYI ASMAN KAISE KAISE

                                  

LATE Ayan Sayed taking  Graduation prize from Shafeeq Sayed 

                                                   जामीन खा गयी आसमान कैसे कैसे 

शायद अय्यान सैयद को अल्लाह के पास लौटने की बहुत जल्दी थी। B.E (CIVIL ) करने के बाद अपने वालिद नोमान सैयद का कारोबार बहुत कम अरसे  (Time )में संभाल कर बुलंदी तक पुह्चाने का कारनामा अंजाम दे कर सारे खानदान रिश्तेदार और अहले नवापुर को ग़म ज़दा करके ऑगस्ट २०२५ को इस दुनिया से रुखसत होगया।

अल्लाह अहले खानदान को सबरे जमील आता करे आमीन।  

                             बिछड़ा कुछ इस अदा से के रुत ही बदल गयी 

                              एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया 

         अय्यान माशाल्लाह बा बसलाहियत नौजवान खुश अख़लाक़ ,मतीन ,तहज़ीब याफ्ता जिस की सलाहियतों से समाज ,माशेरा फायदा मंद हो सकता था हम से जुदा होगया।  अल्लाह उसे जन्नते फिरदौसे में ऊँचा मक़ाम अता करे आमीन। 

मरहूम शकील हाफिज फैज़ को प्राइज देते हुए 

                शकील सय्यद को मरहूम कहते कलेजा कटता है। नवापुर के प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में मरहूम ने नसीहत से भरपूर लेक्चर दिया था। बदकिस्मती से कोविड में  वह हम से जुदा होगये। उनकी यादें हमेशा हमारे दिल में रहेंगी। अल्लाह मरहूम को जन्नत में ऊँचा मक़ाम आता करे अमीन सुम्मा आमीन।