मेरी डायरी का एक वरक़ (PAGE )
सीरिया (ओमर फील्ड )FRIDAY SEPTEMBER 1 999
आज शगुफ्ता और हिना ने मुझ से फ़ोन पर बात की। अल्हम्दोलीलाह हिना का क़ुरान खत्म होने पर है। 27TH जुज़ पढ़ रही है। मैं ने कहा हमारे आने तक क़ुरान ख़त्म होजाएंगा ? कहने लगी मौलाना ५ दिन की छुट्टी पर वतन जा रहे हैं। अगर आमने सामने गुफ्तगू होती तो ज़रूर कहती " मौलाना पापा के लाडले हैं उनको कुछ कहने वाले नहीं। बच्चों की सोहबत देख कर बड़ी ख़ुशी होती है। साफ़ सुथरा माहौल ,बेहतरीन साथी अछि स्कूल अल्लाह खुश नसीबो को ही ये चीज़ें आता करता है।
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