मंगलवार, 14 जुलाई 2026

Khushbu jaise log mile 4

                                                                   खुशबु जैसे लोग मिले 

Myself with Dr Affan
     हम ने दुबई में दो बार नाज़िमुद्दीन के घर रहाईश इख़्तियार की थी। अफ्फान छोटा था हम दोनों उनके बिल्डिंग की छत पर स्विमिंग पूल में घंटों नहाया करते। जितने दिन रहा शौक़ पूरा करता रहा। मुझे शतरंज खेलने के लिए भी  कहता लेकिन ज़िन्दगी में  ने शतरंज कभी खेला ही नहीं था इसलिए उस का साथ न दे सका । 

     अक्सर डॉ वासिफ से  जो दुबई में रहते है ,अफ्फान के बारे  में जानकारी मिलते रहती। ५ क़ुरान के पारे हिफ़्ज़ कर रखे हैं। .उसकी किरात भी बहुत उम्दा है। चैस में अपने दादा अयाजोद्दीन की विरासत को आगे बढा रहा है। 
        आठवे स्टैण्डर्ड तक दुबई के स्कूल में तालीम मुक़म्मिल की हर साल क्लास में टॉप करता रह । अपने ख्वाबों की तामीर के लिए  अपने वालिद के हुक्म पर पूना का रुख किया। 
      DR   APJ Abdulkalam का क़ौल है "You have to Dream before your come true " बचपन से इस बच्चे (अफ्फान ) ने डॉक्टर बनने का ख्वाब सजा रखा था। शायद DR kalam के इस क़ौल से भी वो वाकिफ था " A dream is not that you see while sleeping , it is something that does not let you sleep "
         किसी  उर्दु शायर ने भी कहा है 
                             कोशिश भी कर उम्मीद भी रख रास्ता भी चुन 
                              फिर उसके बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर 
         शायद उसे अपनी दो बड़ी बहनों डॉ सिदृरा और डॉ सारा से भी प्रेरणा (inspitaion ) मिली हो जो मेडिकल प्रोफेशन को अपना चुकी थी। अपने वालिदैन  (नज़ीमुद्दीन और निखत )से भी उसे पूरी पूरी सहायता मिली। ख्वाबों की तकमील के लिए हालात भी सही मयस्सर आने चाहिए। 
          10th मैं 95 % मार्क्स स्कोर करना जुए शीर ( दूध की नहर खोदना ) लेन से कम नहीं। 12th स्टैण्डर्ड में 90 %
 और नीट एग्जाम में महराष्ट्र में ३०० रैंक। किसी ख्वाब की मानिंद लगता है। 
                                 खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है 
           उसे JJ  medical college mumbai से एडमिशन ऑफर था जो उसने ठुकराय और B J Medical college puna  में अपनी ज़ाती चॉइस  मर्ज़ी से दाखला करवाया।