famous (मशहूर ) persons जैसे। शाह रुख खान ,ब्रूसली ,वॉरगेसे कुरियन ,जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गाँधी ,विराट कोहली की पैदाइश नवंबर महीने में हुवी थी। दो और मशहूर नाम सुनील होनराव और राग़िब अहमद भी इसी महीने में पैदा हुवे थे।
सुनील होनराव से (introduction ) तो उन की free एम्बुलेंस सेवा की बिना पर हुवा था। नेरुल स्टेशन के पास खड़ी इस एम्बुलेंस सेवा का लाभ हज़ारों लोगों ने लिया है । मसरूर भाई जो किसी ज़माने में सुनील के पार्टनर थे ,से भी उन की प्रशंषा कई बार सुन चूका था लेकिन मुलाकात का अवसर बहुत देर से मिला। उन् से मिल कर लगा
ज़िन्दगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मला है मुझे
ये हुवा की वंडर पार्क में morning walk की इजाज़त मिलते ही नेरुल की गली कूचों में खाक छानने वाले एक जगे जमा हो गयें। इन में कुछ जाने पहचाने नाम हैं सुनील कूडेकर ,औसाफ़ उस्मानी ,मंसूर झठाम ,इमरान इनामदार, हरिश , इत्यादि और कुछ शरीफ़ तबियत जैसे राग़िब अहमद ,इश्तियाक़ खान ,राणे, प्रकाश सोनावणे ,सुनील होनराव ,मुज़फ्फर। कई दिनों तक सुबह wonder park walking में होनराव अकेले अकेले घूमा करते थे हमारे group को देख कर मुस्करा दिया करते ,hi hallo होजाती। अचानक एक दिन वह हमारे group में एसे शामिल हुवे जैसे शक्कर दूध में घुल जाती है। group में नयी जान दौड़ गयी। हम सब को उन से मिल कर लगा
जाने वो कैसे लोग थे जो मिल के एक बार
नज़रों में जज़्ब हो गए दिल में उतर गए
ऊँचा कद ,चेहरे पे हर वक़्त मुस्कुराती आँखें ,होनराव साहब नवी मुंबई बीजेपी के वाईस प्रेजिडेंट हैं लेकिन सादगी पसंद ,down to earth ,भाभी की मोहब्बत या पता नहीं डर से प्याज़ लहसन से भी परहेज़ है। लेकिन दोस्तों की हर महफ़िल में शामिल रहते हैं। शराब से मीलों दूरी। खुद non veg नहीं खातें दोस्तों को खिला कर खुश होतें हैं। गणपति के पंडाल में ९ दिन तक लोगों को अपने हातों से परोस कर उनकी सेवा देख कर दिल खुश होजाता है । उनका बचपन मुंबई के कुम्भार वाड़े में गुज़रा ,politics में प्रमोद महाजन को अपना उस्ताद बताते है। जिन उसूलों पर अपनी ज़िन्दगी गुज़ारी है अपनी औलाद निनाद को भी इस में ढ़ालने की कोशिशों की है । ऊपर वाले से प्रार्थना है उनेह सेहत ,तंदुरुस्ती मिले। ज़िन्दगी में ख़ूब सी progress हो।


